Highlights
- पंजाब विधानसभा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के विधायक भिड़े, धक्का-मुक्की तक पहुंचा मामला।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पर निशाना साधा, रवनीत बिट्टू शराब की बोतल लेकर पहुंचे।
- मानसा में नशे की ओवरडोज से युवक की मौत के बाद परिवार का प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लिया।
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में मंगलवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। सदन में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के विधायक आमने-सामने आ गए। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायक प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोका गया। विरोध जताने के लिए कांग्रेस के विधायक विधानसभा परिसर में झाड़ू लेकर पहुंचे। बता दें कि झाड़ू आम आदमी पार्टी का चुनाव चिह्न है।
कांग्रेस विधायकों ने जलाई झाड़ू, बाद में बढ़ गया विवाद
कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में झाड़ू जलाकर विरोध जताया। इसके बाद प्रताप सिंह बाजवा उस जगह जाने लगे, जहां मीडिया के कैमरे लगे थे। वह वहां पत्रकारों से बात करना चाहते थे। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने पोडियम पर कब्जा कर लिया और अपनी बात रखने लगे। धालीवाल के पोडियम पर बोलने से कांग्रेस के नेता नाराज हो गए। बाजवा के साथ आए विधायक धालीवाल के सामने खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते दोनों दलों के नेताओं के बीच तनाव बढ़ गया और धक्का-मुक्की होने लगी।
धालीवाल ने महिला नेताओं से बदसलूकी का आरोप लगाया
हंगामे से नाराज AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं ने महिला नेताओं के साथ बदसलूकी की और उन्हें धक्का दिया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे। इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी कांग्रेस की तरह विरोध किया। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने जब पोडियम संभाला, तो AAP के विधायक उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान AAP विधायक सर्वजीत कौर मानुके ने खैरा के हाथ से कागज छीनने की कोशिश की।
सुखपाल खैरा और सर्वजीत कौर के बीच जुबानी जंग
सुखपाल सिंह खैरा ने सर्वजीत कौर से उलझने से परहेज किया, लेकिन आम आदमी पार्टी पर महिलाओं को आगे करके घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया। इस पर सर्वजीत कौर भी पीछे नहीं हटीं। उन्होंने कहा,
'मैं महिला हूं, लेकिन किसी से डरती नहीं हूं। अगर मैंने मुंह खोल दिया, तो खैरा के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।'
कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने स्पीकर पर तानाशाह की तरह काम करने का आरोप लगाया। बाजवा ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायकों को सदन में जाने से रोकना गैरकानूनी और असंवैधानिक है।
भगवंत मान ने कांग्रेस की एकजुटता पर कसा तंज
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। दरअसल, कांग्रेस के नेता पंजाब में राहुल गांधी की रैली की तैयारियों में जुटे हैं। इसे लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं। हाल ही में कांग्रेस के कई नेता एक ही कार में बैठकर बैठक में पहुंचे थे। इस कार को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट चला रहे थे। आगे की सीट पर उनके साथ केसी वेणुगोपाल बैठे थे, जबकि पिछली सीट पर प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वडिंग और परगट सिंह मौजूद थे। मान ने इसी वीडियो का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा,
'पंजाब में कांग्रेस की हालत वैसी ही है, जैसी उस कार में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह की थी। जब परगट सिंह को कांग्रेस की कार में ही जगह नहीं मिल रही, तो पंजाब की जनता उन्हें महत्व क्यों देगी?'
शराब की बोतल लेकर विधानसभा पहुंचे बिट्टू
एक तरफ भगवंत मान कांग्रेस पर हमला बोल रहे थे, तो दूसरी तरफ बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू ने मुख्यमंत्री पर तीखा निशाना साधा। बिट्टू शराब की एक बोतल लेकर विधानसभा पहुंचे। बोतल के साथ एक घंटी भी बंधी हुई थी। वह बार-बार घंटी बजाते हुए दावा कर रहे थे कि शराब की बोतल देखकर मुख्यमंत्री भगवंत मान का दिल डोल रहा है। रवनीत बिट्टू ने आरोप लगाया कि इसी बोतल की वजह से मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 घंटे तक रोका गया था और उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
मानसा में नशे की ओवरडोज से दलजीत की मौत
पंजाब में नशे की समस्या के बीच आज मानसा में 35 साल के दलजीत की मौत हो गई। दलजीत भम्मे कलां गांव का रहने वाला था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसकी मौत नशे की ओवरडोज से हुई। घटना के बाद गांव के लोग उसका शव लेकर सिरसा-मानसा रोड पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि मानसा में नशे के कारोबार का विरोध कर रहे परविंदर सिंह झोटा की करीब 15 दिन पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद से परिवार ने अब तक अंतिम संस्कार नहीं किया है। परविंदर का शव मानसा में रखा हुआ है और परिवार के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
दलजीत के परिवार ने शव मानसा ले जाने की कोशिश की
आज दलजीत के परिवार वाले भी उसका शव मानसा ले जाने के लिए निकले। कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल के नेता भी परिवार के साथ हो गए। इसके बाद पुलिस प्रशासन में हलचल मच गई। वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया और परिवार व गांव वालों से बातचीत की गई। अधिकारियों से बातचीत के बावजूद दलजीत के परिवार वाले नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया और दलजीत के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है।
नशे का मुद्दा भगवंत मान के लिए बन सकता है बड़ी चुनौती
पंजाब में बीजेपी नशे की समस्या को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है। वहीं, नशे की समस्या मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए बड़ी राजनीतिक मुसीबत बन सकती है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मान विपक्षी नेताओं को अपने चुटीले अंदाज में जवाब देते रहे हैं। लेकिन नशे से होने वाली मौतों, परिवारों के विरोध और पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना उनके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
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